October 2020

Rawat-Uwach

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महामारी  काल के हालात इन हवाओं मैं हरारत, क्यों  है जिस्म की साँस से बग़ावत, क्यों  है एक हाशिये पे ला के हमें छोड़ दिया, इन लम्हों की शरारत क्यों है, सुबह उठ के घूम आते थे अब बागों से अदावत क्यों है जिंदगी तो यूँ भी गुजर ही जाती, इस मेहरबान की जरुरत,  क्यों है Page – 2 रात, रास्ते और चौराहा कल रात मैं एक रात से मिला… Read More »Rawat-Uwach

Rawat-Doha

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1 जिस माँ ने तुझे जन्म दिया, पिता ने दिया दुलार, तिरस्कार उनका करे, तुझ को है धिक्कार 2 भाई भाई के स्नेह को, नज़र लगी है आज दुश्मन वो कट्टर हुए , कैसा हुआ समाज 3 विद्यालय के गुरुओं का, कैसा ये  सम्मान अपने प्रथम गुरु का, जब रोज करे अपमान 4 अपनी माँ मैया भई, सास बन गयी भार ऐसी नारी पर नहीं, कृपा करत सरकार (ईश्वर) 5… Read More »Rawat-Doha